इतनी बिजली कि पूरा इंदौर चमक उठे! टाटा पावर ने लॉन्च किया 431 MWp का धाकड़ सोलर प्लांट, जानिए क्या है खास

Durgesh Paptwan
Durgesh Paptwan | July 25, 2025

भारत में सोलर एनर्जी के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए टाटा पावर की सब्सिडियरी कंपनी Tata Power Renewable Energy Limited (TPREL) ने मध्यप्रदेश के नीमच में एक जबरदस्त 431 मेगावॉट पीक (MWp) क्षमता वाला सोलर पावर प्लांट लॉन्च किया है। यह प्रोजेक्ट इतना पावरफुल है कि इससे इंदौर जैसे बड़े शहर की लगभग 95% बिजली जरूरतें पूरी की जा सकती हैं। यह प्रोजेक्ट सिर्फ टाटा पावर की ताकत नहीं दिखाता, बल्कि भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता और भविष्य की दिशा भी साफ करता है।

Tata Power Unveils 431 MWp Solar Plant

हाईटेक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और दमदार निर्माण

इस सोलर प्लांट की सबसे खास बात यह है कि इसमें लेटेस्ट तकनीकों का उपयोग किया गया है, जैसे कि सिंगल-एक्सिस सोलर ट्रैकर्स और बाइफेशियल ग्लास-टू-ग्लास मॉड्यूल्स। ये ट्रैकर्स पूरे दिन सूरज की दिशा के साथ घूमते हैं और बाइफेशियल मॉड्यूल्स न सिर्फ सीधे सूरज की रोशनी, बल्कि ज़मीन से रिफ्लेक्टेड लाइट से भी बिजली जनरेट करते हैं। इससे कम से कम 15% ज्यादा बिजली मिलती है। कुल 2,000 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में 7,65,408 सोलर पैनल लगाए गए हैं और इसे सिर्फ 17 महीने में पूरा कर लिया गया है, जो कि किसी मेगा प्रोजेक्ट के लिए बहुत शानदार समय है।

कितना उत्पादन और किसे मिलेगी बिजली

इस प्लांट की DC क्षमता 431 MWp और AC आउटपुट 330 MW है, जिससे हर साल लगभग 9 करोड़ यूनिट बिजली उत्पन्न होने की उम्मीद है। ये बिजली मुख्य रूप से Western Central Railways और मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) को सप्लाई की जाएगी। यानी ना सिर्फ शहरों को क्लीन बिजली मिलेगी, बल्कि रेलवे जैसे सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी प्रदूषण मुक्त ऊर्जा का बड़ा सहारा मिलेगा।

पर्यावरण को हर साल भारी फायदा

यह सोलर प्लांट सिर्फ बिजली नहीं बना रहा, बल्कि यह पर्यावरण की भी सुरक्षा कर रहा है। अनुमान है कि इससे हर साल लगभग 7,80,300 टन CO2 उत्सर्जन की बचत होगी। यह उतना ही है जितना हजारों पेड़ साल भर में सोखते हैं। यह भारत सरकार के 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल एनर्जी लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा योगदान है। ऐसे प्रोजेक्ट्स से साफ पता चलता है कि देश अब सोलर और ग्रीन एनर्जी को लेकर पूरी तरह गंभीर है।

भारत के एनर्जी फ्यूचर का रोडमैप

टाटा पावर का यह प्रोजेक्ट ना सिर्फ उनकी विशेषज्ञता और अनुभव को दिखाता है, बल्कि देश को यह भी बताता है कि हम बड़ी-बड़ी बिजली ज़रूरतों को अब ग्रीन तरीकों से पूरा कर सकते हैं। यह प्रोजेक्ट देश की बिजली आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और क्लाइमेट चेंज से लड़ाई – तीनों मोर्चों पर अहम भूमिका निभा रहा है। अगर इसी तरह के मेगा प्रोजेक्ट देशभर में होते रहे, तो वो दिन दूर नहीं जब भारत पूरी तरह रिन्यूएबल एनर्जी से रोशन होगा।

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